अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस २०१६ पर दिव्यांगों से मिले मोदी- लोगों ने ली मोदी संग सेल्फी

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस २०१६ पर दिव्यांगों से मिले मोदी- लोगों ने ली मोदी  संग सेल्फी

चंडीगढ़ में योगाभ्यास के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘कि योग सिर्फ बीमारी से छुटकारा पाने का तरीका नहीं है, यह तंदुरूस्ती भी सुनिश्चित करता है। जीवन के सर्वांगीण विकास के लिए योग एक बढ़िया माध्यम है। मोदी ने कहा, ‘‘आज हम दूसरा अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मना रहे हैं

चंडीगढ़ में योगाभ्यास के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘कि योग सिर्फ बीमारी से छुटकारा पाने का तरीका नहीं है, यह तंदुरूस्ती भी सुनिश्चित करता है। जीवन के सर्वांगीण विकास के लिए योग एक बढ़िया माध्यम है। मोदी ने कहा, ‘‘आज हम दूसरा अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मना रहे हैं…भारत ने दुनिया को अमूल्य विरासत दी है। दुनिया ने इसे अपने तरीके से स्वीकार किया है। आज भारत सरकार की ओर से मैं दो पुरस्कारों की घोषणा कर रहा हूं। अगले साल जब 21 जून को योग दिवस मनाया जाएगा, तब भारत से दो पुरस्कारों के लिए चयन होगा।’’ उन्होंने कहा, ‘‘एक पुरस्कार अंतरराष्ट्रीय स्तर का होगा। यह उन लोगों के लिए होगा, जिन्होंने योग के क्षेत्र में शानदार काम किया है। दूसरा पुरस्कार उन लोगों के लिए होगा, जो इस क्षेत्र में देश के भीतर काम कर रहे हैं। एक अंतरराष्ट्रीय योग पुरस्कार है और दूसरा राष्ट्रीय योग पुरस्कार है।’’

योग करने के बाद प्रधानमंत्री ने समारोह में आए लोगों से बातचीत की। इनमें से कुछ लोगों ने तो उनके साथ सेल्फी भी ली। उन्होंने इस समारोह में शामिल होने वाले विक्लांग लोगों से भी मुलाकात की। योग समारोह में भाग लेने वाले प्रतिभागियों में रक्षा बलों के कर्मी, आईटीबीपी के जवान, पंजाब सशस्त्र पुलिस के जवान, पंजाब विश्वविद्यालय के छात्र और स्कूली छात्र शामिल थे।

इस बड़े आयोजन में योग आसन करने के लिए प्रतिभागी नीले और सफेद रंग की टीशर्ट और काले रंग के ट्राउजर पहनकर सुबह जल्दी ही आयोजन स्थल पर पहुंच गए थे। इस प्रमुख आयोजन में इस साल मुख्य जोर ‘दिव्यांगों’ :विकलांग लोगों: की भागीदारी पर था। प्रधानमंत्री मोदी ने विकलांगता का सामना कर रहे लोगों के लिए यह शब्द शुरू किया है। केपिटल कॉम्पलेक्स में लगभग 150 दिव्यांगों को योग आसन करने में मदद की गई। अधिकारियों ने कहा कि सहज प्रदर्शन के लिए व्यापक इंतजाम किए गए थे। केपिटोल कॉम्पलेक्स को आठ ब्लॉकों में बांटा गया था, जहां 500 कुशल प्रशिक्षकों ने अपनी टीम के सदस्यों के साथ आसन किए।

आयोजन स्थलों पर एलईडी की कई स्क्रीनें लगाई गई थीं। आयोजन स्थल पर 300 जैव शौचालय और 30 हजार चटाइयों की व्यवस्था थी। आयोजन स्थल की निगरानी के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। इस अवसर पर 5000 से ज्यादा पुलिसकर्मियों और अर्द्धसैन्य बलों के जवानों को तैनात किया गया था। निजी वाहनों को आयोजन स्थल तक जाने से रोका गया था। पंजाब और हरियाणा के राज्यपाल और केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ के प्रशासक कप्तान सिंह सोलंकी, पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल और हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर इस समारोह में मौजूद थे।